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Wednesday, April 17, 2019

बोनस शेयर क्या होता है?

 बोनस शेयर क्या होता है?


बोनस शेयर क्या होता है?

जैसा की हमने अपनी पिछली पोस्ट में बताया था की कम्पनिया स्टॉक एक्सचेंज को अपने तिमाही नतीजे बताती हैं की उसमे उसकी सेल कितनी थी और उसको प्रॉफिट हुआ या लॉस इसके अतिरिक्त भी कई जानकारी देनी पड़ती हैं जिनका जिक्र हम अपने अगली किसी पोस्ट में करेंगे ! इन्ही तिमाही नतीजों के आधार पर कंपनी सालाना नतीजे घोषित करती हैं और कंपनी अपने लाभांश का कुछ हिस्सा न देकर कंपनी अपने शेयर धारक को कुछ अतिरिक्त शेयर बिना कोई मूल्य लिए दे देती हैं जिन्हे की बोनस शेयर कहते हैं !

लाभांश क्या होता है?

लाभांश क्या  होता है?


profit and loss, stock market


लाभांश का सीधा सा मतलब कंपनी के लाभ से हैं यानि की कंपनी ने कितनी कमाई की हैं! शेयर बाजार में लिस्टेड हर कंपनी को अपने तिमाही नतीजे स्टॉक एक्सचेंज को देने पड़ते हैं जिसमे कंपनी अपने लाभ या नुकसान या कंपनी ने कितना सेल किया उसकी जानकारी साझा करनी पड़ती हैं ! उसके बाद कंपनी वार्षिक  आधार पर जितना की कंपनी को लाभ हुआ हैं उसके आधार पर कंपनी के शेयर होल्डर को कंपनी के लाभ का कुछ हिस्सा देती हैं तथा कुछ हिस्सा कंपनी अपने कारोबार के विस्तार में लगाती हैं! कंपनी अपने लाभ का कितना हिस्सा शेयर होल्डर में बटेगी तथा कितना हिस्सा अन्य जगह इन्वेस्ट करेगी यह कंपनी के बोर्ड ऑफ़ मेंबर्स तय करते हैं लकिन कंपनी जब भी लाभांश का हिस्सा साझा करती हैं तो अपने प्रत्येक शेयर धारक को उनके शेयर के संख्या के आधार पर ही बांटती हैं !

शेयर बाजार में जोखिम क्या हैं ?

आम जिंदगी में एक कहावत है जितना जितना ज्यादा जोखिम उतना ज्यादा लाभ वो कहावत शेयर बाजार में एक दम ठीक बैठती हैं क्योकि इक्विटी शेयर "उच्च जोखिम, उच्च रिटर्न निवेश" होते हैं। इक्विटी निवेश और सभी अन्य निवेश विकल्पों में प्रमुख अंतर यह है कि जहां अन्य विकल्पों जैसे बैंक जमा, लघु बचत योजनाओं, डिबेंचर, बांड आदि से मिलने वाला लाभ निर्धारित और निश्चित होता है, वहीं इक्विटी निवेशों से होने वाली कमाई बेहद अनिश्चित और विविध होती है। सही समय पर ली गई एक अच्छी स्क्रिप काफी अच्छा रिटर्न दिला सकती है, अन्यथा रिटर्न बेहद कम भी हो सकता है या यह ऋणात्मक भी हो सकता है, यानीशेयर बाजार में किया गया निवेश किया गए रुपये स्वयं भी धीरे धीरे ख़त्म हो सकते  है। संक्षेप में, यदि स्थिर आय श्रेणी साधनों में निवेश काफी हद तक सुरक्षित और जोखिम मुक्त होता है, तो इक्विटी और संबंधित क्षेत्रों में निवेश जोखिम भरा माना जा सकता है।



लेकिन शेयर मार्किट में लम्बे समय में नुकसान होने की सम्भावना काफी हद तक काम हो जाती हैं और यह बात मैं ही नहीं कहे रहा बल्कि शेयर मार्किट के भगवान कहे जाने वाले वारेन बफ़ेट जी ने भी कही हैं की लम्बे समय में शेयर बाजार में नुकसान होना असंभव हैं ! अगर हम पिछले ४० से ५० सालो को देखे तो शेयर मार्किट ने १४% से १५% तक कम्पाउंडिंग रिटर्न दिया हैं जो की किसी और एसेट ने नहीं दिया !

Monday, April 15, 2019

इक्विटी शेयर क्या है?

एक इक्विटी शेयर स्वामित्व के प्रारूप को प्रदर्शित करता है। ऐसे एक शेयर का धारक कंपनी का एक सदस्य होता है और उसके पास मतदान का अधिकार होता है। वह अपने मतदान से कंपनी को निर्णय लेने में मदद करता हैं ऐसे सभी कंपनी के शेयर धारक कंपनी के कारोबार में डिऐक्ट या इनडायरेक्ट रूप से शामिल होते हैं कंपनी को जब भी बड़े फैसले लेने होते हैं कंपनी अपने सभी शेयर धारक को मेल या पत्र लिख कर अवगत कराती है तथा अपने शेयर धारक को अपने उस फैसले पर वोट करने के लिए कहती हैं जिससे वो सही निर्णय ले सके !



पूंजी बाजार का क्या कार्य है?

पूंजी बाजार अर्थव्यवस्था में पूंजी निर्माण को बढ़ाता है और इसमें शामिल हैं – 

प्राथमिक बाजार एक ऐसा स्थान है जहां कंपनियों के नए प्रस्तावों को एक आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) या अधिकार जारी करने के रूप में क्रियान्वित किया जाता है।




द्वितीयक बाजार एक ऐसा बाजार है जहां प्रतिभूतियों को प्राथमिक बाजार में जनता के लिए पेश किए जाने के बाद ट्रेड किया जाता है और/या स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होता है। अधिकांश ट्रेडिंग इसी बाजार में की जाती है जिसमें इक्विटी बाजार और ऋण बाजार शामिल हैं।